फोन पर हुई बातचीत के दौरान एकनाथ शिंदे ने ठुकराया उद्धव का प्रस्ताव, सिर्फ इस शर्त पर ही पार्टी में लौटने को तैयार

India | 6 days ago | 22-06-2022 | 12:06 am

फोन पर हुई बातचीत के दौरान एकनाथ शिंदे ने ठुकराया उद्धव का प्रस्ताव, सिर्फ इस शर्त पर ही पार्टी में लौटने को तैयार

Maharashtra Political Crisis: उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार (Maharashtra Govt) पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की बगावत और दो दर्जन से विधायकों के गुजरात के सूरत स्थित एक होटल में डेरा जमाने के चलते महाराष्ट्र सरकार संकट में आ गई है. शिवसेना की ओर से मिलिंद नार्वेकर और रवि पाठक ने सूरत में शिंदे से मुलाकात की. हालांकि शिंदे ने अपना रुख साफ कर दिया है और कहा है कि बिना भाजपा के साथ के वो पार्टी में वापसी नहीं करेंगे. सूरत पहुंचे मिलिंद नार्वेकर ने एकनाथ शिंदे की सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से भी बात कराई. बातचीत के दौरान एकनाथ शिंदे ने वापसी की गुंजाइश से इनकार कर दिया. बताया जा रहा है कि उद्धव ने उन्हें पार्टी में आने का न्योता दिया, लेकिन वह अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं. उनकी मांग है कि पार्टी NCP से गठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाए. शिंदे का कहना है कि ऐसा करने से शिवसेना नहीं टूटेगी.Also Read - द्रौपदी मुर्मूः त्रासदियों से भरा निजी जीवन लेकिन राजनीतिक सफर में हासिल किए कई मुकाम, राष्ट्रपति बनीं तो जुड़ेगा अनोखा रिकॉर्डमहाराष्ट्र की 288 सदस्सीय विधानसभा में भाजपा के 106, शिवसेना के 55, राकांपा के 53, कांग्रेस के 44, बहुजन विकास आघाडी के तीन और समाजवादी पार्टी, एआईएमआईएम व प्रहार जनशक्ति पार्टी के दो-दो विधायक हैं. वहीं, मनसे, माकपा, पीडब्लूपी, स्वाभिमानी पक्ष, राष्ट्रीय समाज पार्टी, जनसुराज्य शक्ति पार्टी और क्रांतिकारी शेतकारी पक्ष के पास राज्य विधानसभा में एक-एक विधायक हैं. महाराष्ट्र विधानसभा में निर्दलीय विधायकों की संख्या 13 है. एमवीए के अन्य घटक दलों, राकांपा और कांग्रेस के नेताओं ने हालांकि दावा किया था कि राज्य सरकार की स्थिरता पर कोई खतरा नहीं मंडरा रहा है. Also Read - जानिए कौन हैं द्रौपदी मुर्मू, जिन्हें BJP ने अपने पूर्व नेता यशवंत सिन्हा के खिलाफ राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया हैभाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा था, ‘शिंदे वाले घटनाक्रम से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि, अगर भाजपा को शिंदे से सरकार बनाने का कोई प्रस्ताव मिलता है तो हम यकीनन उस पर गंभीरता से विचार करेंगे. आखिरकार, हमने पहले भी साथ काम किया है, इसलिए उनके साथ काम करना और सरकार चलाना काफी आसान होगा.’ Also Read - महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार का संकट टाल पाएगी पवार की पॉवर ? | Watch Videoपाटिल ने यह भी दावा किया था कि शिवसेना और भाजपा के बीच तल्ख रिश्तों के लिए पूरी तरह से राउत जिम्मेदार हैं. भाजपा नेता ने आरोप लगाया था, ‘वह (राउत) राज्य को भी काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं… और वह किसी और की तरफ से ऐसा कर रहे हैं.’ सूरत में डेरा डाले हुए शिवसेना के बागी विधायक आधी रात को गुवाहाटी रवाना होंगे. महाराष्ट्र में कल दोपहर 1 बजे कैबिनेट की बैठक होगी.Maharashtra cabinet meet at 1 pm tomorrow, June 22— ANI (@ANI) June 21, 2022भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा था, ‘शिंदे वाले घटनाक्रम से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि, अगर भाजपा को शिंदे से सरकार बनाने का कोई प्रस्ताव मिलता है तो हम यकीनन उस पर गंभीरता से विचार करेंगे. बताया जा रहा है कि उद्धव ने उन्हें पार्टी में आने का न्योता दिया, लेकिन वह अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं. उनकी मांग है कि पार्टी NCP से गठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाए. शिंदे का कहना है कि ऐसा करने से शिवसेना नहीं टूटेगी. सूरत पहुंचे मिलिंद नार्वेकर ने एकनाथ शिंदे की सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से भी बात कराई. बातचीत के दौरान एकनाथ शिंदे ने वापसी की गुंजाइश से इनकार कर दिया.एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की बगावत और दो दर्जन से विधायकों के गुजरात के सूरत स्थित एक होटल में डेरा जमाने के चलते महाराष्ट्र सरकार संकट में आ गई है.

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