कंधा देने से लेकर पंडित और नाई तक... जानिए अंतिम संस्कार करने वाले स्टार्टअप 'सुखांत' की कहानी

Aajtak | 1 week ago | 25-11-2022 | 01:28 pm

कंधा देने से लेकर पंडित और नाई तक... जानिए अंतिम संस्कार करने वाले स्टार्टअप 'सुखांत' की कहानी

भारत में पिछले कुछ साल के भीतर हर क्षेत्र में बड़े बदलाव देखे गए हैं. कारोबार की दुनिया भी इससे अछूती नहीं रही. अब भारत में स्टार्ट-अप का चलन बढ़ने लगा है जिस वजह से छोटे-छोटे व्यापार करने वालों को भी काफी फायदा हो रहा है. इन्हीं में कुछ ऐसे काम-धंधे भी हैं जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में लगे हैं. मायानगरी मुंबई में का भी एक स्टार्टअप इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. मुंबई के सांताक्रुज इलाके में मौजूद 'सुखांत फ्यूनरल मैनेजमेंट कंपनी' लोगों का अंतिम संस्कार करवाती है. यह कंपनी हर चीज का ध्यान रखती है जो मनुष्य के क्रियाकर्म के समय जरूरी होता है. अर्थी को कंधा देने से लेकर, साथ में चलने वाले, 'राम नाम सत्य है' बोलने वाले और पंडित-नाई, सब यह कंपनी उपलब्ध करवाती है. साथ ही मरनेवालों की अस्थियों का विसर्जन का सारा प्रबंध भी यही करवाते हैं.जैसा कि हम सब जानते हैं कि मृत्यु के बाद अंतिम क्रिया कर्म की जिम्मेदारी परिवार की होती है. यही रिवाज वर्षों से भारत में चला आ रहा है. मगर बदलते भारत के साथ तमाम तौर तरीके और व्यवहार संस्कार इत्यादि भी बदलते जा रहे हैं. इस युग में अब किसी उत्सव से लेकर अंतिम संस्कार तक का प्रबंध करने के लिए मैनेजमेंट कंपनियां आगे आ गई हैं.शहरों में कठिन है अंतिम संस्कार करना: सुखांत के मालिकसुखांत फ्यूनरल मैनेजमेंट कंपनी के मालिक संजय का कहना है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शहरों की भागती-दौड़ती जिंदगी में बेहद कठिन होती है. ऐसे में पार्थिव शरीर की अंतिम क्रिया के लिए काफी कुछ इंतजाम करने होते हैं. क्योंकि अंतिम संस्कार की तैयारियों के लिए लोगों और चीजों की जरूरत होती है, इसीलिए हम अपनी इस कंपनी के तहत लोगों को अपने परिजनों के साथ कुछ और समय बिताने के साथ-साथ परेशानियों से बचने की सहूलियत देते हैं और अंतिम संस्कार की सारी जिम्मेदारी हमारी होती है.बर्थडे सेलिब्रेशन भी कराती है कंपनीसुखांत कंपनी में एक बार नामांकन करवाने के बाद व्यक्ति के बर्थडे से लेकर उनकी हेल्थ का सारा डाटा रखती है. साथ ही हर साल जन्मदिन या बाकी कोई किसी दिन सेलिब्रेशन भी किया जाता है. वहीं, मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की सारी जिम्मेदारी भी उन्हीं की होती है. साथ ही अगर कोई परिजन आखिरी दर्शन के लिए नहीं आ सकता है, तो उसके लिए ऑनलाइन दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है.

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