दोबारा उठा महाराष्ट्र-कर्नाटक का सीमा विवाद: CM एकनाथ शिंदे बोले- राज्य की एक इंच जमीन भी नहीं जाने देंगेमहाराष्ट्रकॉपी लिंकशेयर

Dainik Bhaskar | 2 days ago | 25-11-2022 | 02:00 pm

दोबारा उठा महाराष्ट्र-कर्नाटक का सीमा विवाद: CM एकनाथ शिंदे बोले- राज्य की एक इंच जमीन भी नहीं जाने देंगेमहाराष्ट्रकॉपी लिंकशेयर

महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद फिर से बढ़ने लगा है। इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार महाराष्ट्र की एक इंच जमीन भी नहीं जाने देगी। CM शिंदे बोले- हम बॉर्डर एरिया में मराठी लोगों को न्याय दिलाने का काम कर रहे हैं। 40 गांवों की समस्याओं को हल करना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है।इससे पहले उद्धव ठाकरे ने कहा था- "ऐसा लगता है जैसे कर्नाटक के CM बोम्मई महाराष्ट्र के 40 गांवों पर अचानक दावा करने के लिए पागल हो गए हैं?" उन्होंने CM शिंदे पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनमें कर्नाटक CM के खिलाफ बोलने का साहस नहीं है।CM बोम्मई के दावों से भड़की चिंगारीबोम्मई ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि मेरी सरकार कर्नाटक की सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है और उसने ऐसा किया भी है। बोम्मई ने दावा किया है कि पानी के संकट से जूझ रहे महाराष्ट्र के सांगली जिले के कुछ गांवों ने कर्नाटक के साथ विलय की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है।हालांकि, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने दावों का खंडन किया और कहा कि ऐसे किसी गांव ने हाल ही में कर्नाटक के साथ विलय की मांग नहीं की है।फडणवीस के ट्वीट ने किया आग भड़काने का कामकर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई ने बुधवार को ट्वीट किया था - "महाराष्ट्र के डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस ने कर्नाटक&महाराष्ट्र सीमा मुद्दे पर भड़काऊ बयान दिया है। उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा। हमारी सरकार अपनी जमीन, पानी और सीमाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।"इसके पहले फडणवीस ने एक ट्वीट किया था- "महाराष्ट्र का कोई भी गांव कर्नाटक नहीं जाएगा! राज्य सरकार बेलगाम-कारवार-निप्पानी समेत मराठी भाषी गांवों को पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से लड़ेगी।"केंद्रीय शासन की मांग कर चुके ठाकरेपिछले साल उद्धव ठाकरे ने विवादास्पद क्षेत्र को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की तर्ज पर कर्नाटक अधिकृत महाराष्ट्र तक कहा दिया था। इसके अलावा उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से विवादास्पद क्षेत्र का फैसला होने तक उसे केंद्र प्रशासित प्रदेश घोषित करने की मांग की थी। 23 नवंबर से इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है।क्या और क्यों है महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद

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