महाराष्ट्र राजनीतिक संकट: एकनाथ शिंदे को BJP ने दिया अजीत पवार वाला ऑफर! क्या बन जाएगी बात?

News18 | 4 days ago | 23-06-2022 | 09:05 pm

महाराष्ट्र राजनीतिक संकट: एकनाथ शिंदे को BJP ने दिया अजीत पवार वाला ऑफर! क्या बन जाएगी बात?

मुंबई: भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट रूप से शिवसेना में हुए विद्रोह से दूरी बना रखी है, लेकिन बैकग्राउंड में इस राजनीतिक संकट के बीच अगली रणनीति पर काम भी कर रही है. हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा ने शिवसेना में विद्रोह की अगुवाई कर रहे, एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश की है. शिंदे को संदेश दिया गया है कि उन्हें अपने विधायकों के साथ राज्य में सरकार गठन के लिए आगे बढ़कर भाजपा के साथ हाथ मिलाना चाहिए.महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत हासिल करने और मौजूदा एमवीए सरकार को गिराने के लिए भाजपा को 38 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. हालांकि, दलबदल के इच्छुक विधायकों की सही संख्या के बारे में अभी कोई स्पष्टता नहीं है. अगर विद्रोह करने वाले विधायकों की संख्या पर्याप्त पड़ती है, तो सूत्रों का कहना है कि भाजपा एकनाथ शिंदे के साथ उसी तरह का समझौता करेगी, जैसा उसने नवंबर 2019 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजीत पवार के साथ किया था.क्या भाजपा के साथ समझौता कर लेंगे एकनाथ शिंदे?तब जो समझौता हुआ था उसके मुताबिक अजित पवार को डिप्टी सीएम की कुर्सी मिली थी, जबकि उनकी टीम से 9 विधायकों को मंत्री बनाया गया था. हालांकि, जल्दबाजी में किया गया यह समझौता 80 घंटे भी नहीं चल सका था, जिससे महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार का मार्ग प्रशस्त हुआ. देवेंद्र फडणवीस से निकट संबंध रखने वाले एक सूत्र ने ​हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि अगर एकनाथ शिंदे कठिन सौदेबाजी करते हैं, तो उनके साथ विधायकों की संख्या के आधार पर अधिकतम 12 मंत्री पद आवंटित किए जा सकते हैं.सूत्र के मुताबिक, ‘शिंदे का विद्रोह, 2019 में अजीत पवार के विद्रोह के समान है. शिंदे समूह को अधिकतम 12 मंत्री पद मिलने की उम्मीद है. देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते, भाजपा के साथ गठबंधन में शिवसेना के खाते में इतने ही मंत्री पद गए थे. शिंदे समूह को जिन विभागों का आवंटन किया जा सकता है, उनमें पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास (उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार में, शिंदे ने इन विभागों को संभाला) शामिल हैं. कुछ अन्य जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलती है, उन्हें सांविधिक बोर्डों और निगमों में समायोजित किया जा सकता है.’देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय के बाहर लंबी हुईं कतारेंमहाराष्ट्र की सत्ता में वापसी की संभावना बनने के साथ ही देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय के बाहर भाजपा नेताओं की कतारें लंबी हो गई हैं. हालांकि, महाराष्ट्र भाजपा के उपाध्यक्ष माधव भंडारी सावधानी बरतते हुए कहते हैं, ‘हम मौजूदा स्थिति के बारे में कुछ नहीं बोलना चाहते. जरूरत पड़ी तो फडणवीसजी केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में आगे से नेतृत्व करेंगे. अगली सरकार के गठन पर अभी फैसला नहीं हुआ है.’ इधर, एकनाथ शिंदे ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को संदेश दे दिया है कि वह मौजूदा गठबंधन से बाहर निकलें और भाजपा के साथ सरकार बनाएं, तो यह विद्रोह थम जाएगा.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Maharashtra, MVA Government, Shivsena

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