Maharashtra Political Crisis: पिता बालासाहब ठाकरे की राह चले उद्धव ठाकरे, 30 पहले भी कुछ ऐसे ही बने थे हालात

India | 5 days ago | 23-06-2022 | 08:25 am

Maharashtra Political Crisis: पिता बालासाहब ठाकरे की राह चले उद्धव ठाकरे, 30 पहले भी कुछ ऐसे ही बने थे हालात

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की राजनीति फिलहाल गरमाई हुई है. यहां शिवसेना में एकनाथ शिंदे द्वारा बगावत के बाद महाविकास अघाड़ी की सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपना अधिकारिक आवास खाली कर दिया है और बांद्रा स्थित अपने निजी आवाज पर चले गए हैं. उद्धव ठाकरे सीएम आवास को खाली कर मातोश्री पहुंचे हैं. उद्धव ठाकरे द्वारा उठाए गए इस कदम को इमोशनल कार्ड के रूप में देखा जा रहा है. दरअसल तीन दशक पहले शिवसेना में उठी रार को बाला साहब ठाकरे द्वारा कुछ यूं ही शांत किया गया था.Also Read - बाल ठाकरे की शिवसेना से कितनी अलग है उद्धव ठाकरे की Shivsena? अगर साहेब होते तो क्या करते समझौता....सल 1992 में शिवसेना में बगावत देखने को मिली थी. इस दौरान पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए गए थे. तब के शिवसेना के प्रमुख बाला साहब ठाकरे ने सार्वजनिक रूप से पार्टी से इस्तीफा देने की बात कही थी. बाल ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखा- अगर एक भी शिवसैनिक मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ खड़ा होकर कहता है कि मैंने आपकी वजह से शिवसेना छोड़ी या आपने हमें चोट पहुंचाई, तो मैं एक पल के लिए भी शिवसेना के प्रमुख के रूप में बने रहने के लिए तैयार नहीं हूं. Also Read - Maharashtra Political Crisis LIVE Updates: बैठक में पहुंचे मात्र 13 विधायक, शरद पवार ने कहा-अब कड़ा फैसला लें सीएम उद्धवबाला साहब द्वारा सामना में लिखे लेख का असर यह हुआ कि लाखों की संख्या में शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा बाला साहब के समर्थन में रैलियां निकाली गईं. यही नहीं उनके इस ऐलान ने पार्टी को एकजुट कर दिया और फिर आगामी 20 सालों बाद तक भी शिवसेना में बगावत देखने को नहीं मिली. लेकिन एक बार फिर शिवेसना बगावत का सामना कर रही है. उद्धव ठाकरे भी ठीक वैसे ही मोड़ पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि उन्होंने कभी कुर्सी या पद की लालसा नहीं रखी. अगर कोई भी शिवसैनिक उन्हें पद छोड़ने को कहता है तो वह इसे छोड़ने के लिए तैयार हैं. Also Read - क्या सच हो रही कंगना रनौत और नवनीत राणा की भविष्यवाणी, उद्धव सरकार के लिए कही थी ये बातराज्य में शुरू हुई सियासी उठापटक के बीच बुधवार को उद्धव ठाकरे ने अपनी बात सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाई. उद्धव ठाकरे ने बागी विधायकों को चुनौती देते हुए कहा कि वे खुद आएं और उनका इस्तीफा ले जाएं. उन्होंने बागियों से वफादारी का आह्वान करते हुए कहा कि अगर वे उनके सामने आगर मुख्यमंत्री के पद को छोड़ने को कहते हैं तो वे इस पद को छोड़ देंगे.उद्धव ठाकरे द्वारा सीएम आवास खाली करने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि यह कदम उनके द्वारा इसलिए उठाया गया है ताकि पार्टी के लोगों को वह यह समझा सकें कि उन्हें पद की लालसा नहीं है. वहीं शिवसेना प्रमुख उम्मीद कर रहे होंगे की यह भावनात्मक संबोधन उन के साथ तालमेल बिठाएघा जो पार्टी की तरह ही ठाकरे परिवार की शपथ लेते हैं.

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