NCB ने हासिल की बड़ी कामयाबी, मुंबई के गोदाम से 50 किलो मेफेड्रोन को किया बरामद

Jagran | 1 month ago | 07-10-2022 | 11:38 am

NCB ने हासिल की बड़ी कामयाबी, मुंबई के गोदाम से 50 किलो मेफेड्रोन को किया बरामद

मुंबई, एजेंसी। मुंबई (Mumbai) में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। एजेंसी के अधिकारियों ने मिलकर ड्रग्स की एक बड़ी खेप की बरामदगी की है। टीम ने मुंबई में स्थित एक गोदाम से 60 किलोग्राम मेफेड्रोन ड्रग (Mephedrone Drug) को बरामद किया है। इसकी कीमत करीब 120 करोड़ रुपये है।एनसीबी के उप महानिदेशक (Deputy Director General) एसके सिंह ने यह जानकारी दी। मालूम हो कि एजेंसी ने इस संदर्भ में अलग-अलग शहरों से छह लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें गिरोह का सरगना भी शामिल है।Acting on an input, NCB recovered approx 50 kg of MD drugs concealed in a godown in Mumbai. Two people including the kingpin of the cartel arrested. Both the arrested accused are from Mumbai: SK Singh, Deputy Director General, NCB pic.twitter.com/dkih4lha9oइनमें से एक जामनगर से पकड़ा गया है, जिसकी पहचान सोहेज गफ्फर के रूप में हुई है। सोहेल 2016 से 2018 के बीच एयर इंडिया का पायलट रह चुका है।#UPDATE | NCB seized 60 kgs of high-quality Mephedrone (MD) worth approximately Rs 120 crores, busts syndicate and apprehends six persons including the kingpin from multiple cities: NCB pic.twitter.com/R2njqT4iyGमेफेड्रोन को आमतौर पर 'म्याऊं-म्याऊं' के नाम से जाना जाता है। इसकी कई अलग-अलग नामों से बिक्री की जाती है। जो लोग इनका नशा करते हैं उनके बीच इसके कई सारे कोड नेम मशहूर हैं। वैसे तो यह कोई दवा नहीं, बल्कि एक तरह का सिंथेटिक खाद है जिसका इस्तेमाल पौधों के लिए किया जाता है।मुुंबई लोकल में सीट को लेकर दो महिलाओं में घमासान, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो यह भी पढ़ें नशा करने वालों में यह कोकीन और हेरोइन से भी ज्यादा अहमियत रखता है क्योंकि इनके मुकाबले इससे नशा काफी अधिक मात्रा में होता है।ठाणे में चाकू की नोंक पर गोल्ड चेन और मोबाइल फोन चुराने वाले बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा, केस दर्जव्हाइट मैजिक, बबल के नाम से भी मशहूर इस ड्रग का इस्तेमाल पार्टियों में अकसर होता है। यह सस्ता भी आता है, जिससे इसका चलन अधिक है। नारकोटिक्स ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) के तहत यह एक प्रतिबंधित स्टीमुलेंट है।मेफेड्रोन का इस्तेमाल लोग पानी में मिलाकर या सूंघकर या इंजेक्शन के जरिए करते हैं। इससे दिमाग में नशा चढ़ता है और एक मदहोशी सी आ जाती है। हालांकि, अधिक मात्रा में इसका सेवन जानलेवा है। बेहतरी इससे दूरी बनाकर रखने में ही है।मेफेड्रोन का सबसे ज्यादा उत्पादन नाइजीरिया और अफगानिस्तान में होता है। भारत में इसका चलन हाल के दिनों में बढ़ा है। बता दें कि एक ग्राम मेफेड्रोन की कीमत एक हजार रुपये से लेक 15,000 रुपये तक है।Maharashtra: ट्रक में सवार होकर भगवान का दर्शन कर लौट रहे थे श्रद्धालु, ब्रेक फेल होने से हुए हादसे का शिकार यह भी पढ़ें मेफेड्रोन के डीलर्स का युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने का अपना एक अलग अंदाज है। ये पहले फेसबुक के जरिए ऐसे युवाओं को तलाशते हैं जिन्हें क्लब में जाना या पार्टी करना बहुत पसंद है। ये पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर ऐसे लोगों से दोस्ती करते हैं, खूब बातें करते हैं, फिर धीरे-धीरे मेफेड्रोन के बारे में बताकर इसकी तरफ आकर्षित करते हैं और एक बार इसकी गिरफ्त में आने के बाद इससे निकलना काफी मुश्किल हो जाता है इसलिए युवाओं को चौकन्ना रहने की भी बहुत जरूरत है।ठाणे में चाकू की नोंक पर गोल्ड चेन और मोबाइल फोन चुराने वाले बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा, केस दर्ज यह भी पढ़ें कालेज छात्रा के सामने मास्टरबेट करने वाले को पुलिस ने 100 दिनों के बाद पकड़ा, पीड़िता ने किया भावुक पोस्ट

Google Follow Image