'शिंदे का पोता श्रीकृष्ण अवतार, उद्धव महाभारत के शिशुपाल,' एकनाथ गुट ने फिर बोला हमला

Aajtak | 1 month ago | 07-10-2022 | 05:01 am

'शिंदे का पोता श्रीकृष्ण अवतार, उद्धव महाभारत के शिशुपाल,' एकनाथ गुट ने फिर बोला हमला

महाराष्ट्र की राजनीतिक लड़ाई में अब 'महाभारत' और 'श्रीकृष्ण' की एंट्री हुई है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट ने पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे को महाभारत का शिशुपाल कहकर संबोधित किया है. इतना ही नहीं, शिंदे के डेढ़ साल के पोते रुद्राक्ष को इस महाभारत का 'श्रीकृष्ण' बताया है. शिंदे गुट का दावा है कि जब से रुद्राक्ष का जन्म हुआ है, तब से उद्धव ठाकरे का राजनीतिक पतन होना शुरू हो गया है.बता दें कि महाराष्ट्र में सत्ता छीनने के बाद एकनाथ शिंदे गुट अब पार्टी (शिवसेना) पर अधिकार को लेकर लड़ाई लड़ रहा है. शिंद और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे आमने-सामने देखे जा रहे हैं. शिंदे गुट अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव से पहले शिवसेना के ‘धनुष और तीर’ चुनाव चिह्न पर दावा किया है. इसके लिए वह शुक्रवार को चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे. इस कदम को उद्धव ठाकरे गुट को 'धनुष और तीर' के चुनाव चिन्ह से अलग रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.शिंदे की नजर अब पोते के लिए पार्षद पद पर है: उद्धवइसी बीच, दशहरा पर्व पर मुंबई के BKC मैदान और शिवाजी पार्क पर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला है. दोनों ही गुटों ने एक-दूसरे पर काफी तीखे हमले किए हैं. इस दौरान उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे और उनके बेटे सांसद श्रीकांत शिंदे को निशाना बनाया था. ठाकरे ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे को सब राजनीतिक पद अपने परिवार के लिए चाहिए. अब एकनाथ शिंदे की नजर पार्षद पद पर है, जो शिंदे अपने पोते को देना चाहते हैं. उद्धव के इस बयान के बाद राजनीति गरमा गई है.महाभारत का 'श्रीकृष्ण' है रुद्राक्षबताते चलें कि एकनाथ शिंदे का पोता रुद्राक्ष मात्र डेढ़ वर्ष का है और उद्धव ठाकरे के इस हमले पर अब शिंदे गुट ने भी पलटवार किया है. शिंदे गुट के प्रवक्ता नरेश म्हास्के ने दावा किया कि रुद्राक्ष महाभारत का 'श्रीकृष्ण' है, जिसके जन्म के बाद 'शिशुपाल' की तरह उद्धव ठाकरे का राजनीतिक पतन होने लगा है.जानिए रैली में एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?MMRDA ग्राउंड में एकनाथ शिंदे ने कहा कि बाला साहेब के विचारों के असली वारिसदार कौन है? ये सवाल पूछना अब लोग बंद कर देंगे. क्योंकि इस भीड़ ने सिद्ध किया है कि असली वारिसदार कौन है. ये शिवसेना उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की नही है. बल्कि बालासाहेब के सिद्धांतों की शिवसेना है. हमने शिवसेना प्रमुख बालासाहेब के विचार नही छोड़ा और कभी नही छोड़ेंगे. बालासाहेब के असली वारिसदार विचारों के वारिसदार हैं. एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमें गद्दार और बोला जा रहा है. गद्दारी हुई है लेकिन गद्दारी 2019 में हुई. महाराष्ट्र के मतदाताओं ने आपको और बीजेपी को विधानसभा चुनावों में वोट दिया लेकिन आपने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर लोगों को धोखा दिया.क्या बोले उद्धव ठाकरे?उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को खूब खरी खोटी सुनाई. उद्धव ने कहा कि जैसे जैसे समय बदलता है- रावण का चेहरा भी बदलता है आज ये जो गद्दार हैं वही रावण हैं. जब मैं बीमार था और मेरी सर्जरी हुई थी. मैंने उसे (शिंदे) को जिम्मेदारी थी. लेकिन उसने मेरी खिलाफ साजिश रची और ये सोचा कि मैं कभी अपने पैरों पर उठ खड़ा नहीं हो पाऊंगा. उद्धव ठाकरे ने फिल्म बाहुबली के किरदार कटप्पा का जिक्र करते हुए कहा- "जो बात मुझे सबसे बुरी लगी और जिस बात पर मुझे गुस्सा आया वो ये है कि जब मैं अस्पताल में भर्ती था उस समय जिन लोगों को मैंने राज्य की जिम्मेदारी दी थी वे ही कटप्पा बन गए और हमें धोखा दिया." वे लोग मुझे खत्म करना चाह रहे थे और सोच रहे थे कि मैं अस्पताल से कभी नहीं लौटूंगा. सत्ता के लिए लालच की एक सीमा होती है, पहले गद्दारी करने के बाद अब वो पार्टी चाहता है, इसका सिंबल चाहता है और स्वयं को पार्टी अध्यक्ष कहलवाना चाहता है.

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