शिवसेना MLA की CM उद्धव को चिट्ठी, बताया- क्यों बागी हुए शिंदे और विधायक

News18 | 1 day ago | 23-06-2022 | 04:05 pm

शिवसेना MLA की CM उद्धव को चिट्ठी, बताया- क्यों बागी हुए शिंदे और विधायक

मुंबई: महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के खिलाफ बगावत करने वाले औरंगाबाद के विधायक संजय शिरसाट ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नाम एक चिट्ठी लिखी है.​ उन्होंने यह पत्र ट्विटर पर शेयर किया गया है, जिसे एकनाथ शिंदे ने रिट्वीट करते हुए कैप्शन में लिखा है, ‘यही है हमारी भावना.’ इस पत्र में शिवसेना के सभी बागी विधायकों की ओर से बात की गई है.इसमें लिखा है, ‘कल वर्षा बंगले के दरवाजे सचमुच जनता के लिए खोल दिए गए. बंगले पर भीड़ देखकर खुशी हुई. पिछले ढाई साल से शिवसेना विधायक के तौर पर हमारे लिए ये दरवाजे बंद थे. एक विधायक के रूप में इस बंगले में हमें प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी. हमें ऐसे लोग चला रहे थे, जिन्हें जनता ने नहीं चुना था. ये लोग विधान परिषद और राज्यसभा के माध्यम से आए थे.’‘शिवसेना का CM था, फिर भी विधायकों की वर्षा बंगले तक पहुंच नहीं थी’इस चिट्ठी में आगे लिखा गया है, ‘तथाकथित (चाणक्य लिपिक) बडवे हमें हराने और राज्यसभा व विधान परिषद चुनाव की रणनीति तय करने का काम कर रहे थे. इसका परिणाम सिर्फ महाराष्ट्र ने देखा है. शिवसेना का मुख्यमंत्री था, फिर भी हमें वर्षा बंगले तक सीधी पहुंच कभी नहीं मिली. मुख्यमंत्री मंत्रालय की छठी मंजिल पर सभी से मिलते हैं, लेकिन हमारे लिए छठी मंजिल का कोई सवाल ही नहीं है, क्योंकि आप कभी मंत्रालय नहीं गए. कई बार निर्वाचन क्षेत्र के काम, अन्य मुद्दों, व्यक्तिगत समस्याओं के लिए सीएम साहब से मिलने का अनुरोध करने के बाद हमें बुलाया जाता और बंगले के गेट पर घंटों खड़ा रखा जाता.’#HindutvaForever@OfficeofUT @ShivSena @CMOMaharashtra pic.twitter.com/4jjMKa4FvQ— Sanjay Shirsat (@SanjayShirsat77) June 23, 2022विधायकों ने उद्धव ठाकरे को आगे लिखा है, ‘हमने कई बार सीएम को फोन किया, पर फोन रिसीव नहीं होता था. आखिरकार हम ऊब जाते और चले जाते. हमारा सवाल यह है कि अपने ही विधायकों के साथ ऐसा अपमानजनक व्यवहार क्यों? ऐसे विधायकों से इस तरह का व्यवहार जिन्हें 3-4 चार लाख मतदाता चुनते हैं? क्या हिंदुत्व, अयोध्या, राम मंदिर शिवसेना के मुद्दे हैं? तो अब जब आदित्य ठाकरे अयोध्या चले गए हैं तो आपने हमें अयोध्या जाने से क्यों रोका? आपने खुद कई विधायकों को फोन कर अयोध्या नहीं जाने की बात कही थी. कई विधायक, जो मुंबई हवाई अड्डे से अयोध्या के लिए निकले थे, ने अपना सामान चेक इन किया. जैसे ही वे विमान में सवार होने वाले थे, आपने श्री शिंदे को फोन किया और उनसे कहा कि विधायकों को अयोध्या न जाने दें और वापस ले आएं.’‘आपने इग्नोर किया, शिंदे हमेशा विधायकों की सुनते थे और आगे भी सुनेंगे’चिट्ठी में आगे लिखा है, ‘शिंदे साहब ने हमें तुरंत बताया कि सीएम साहब ने फोन कर विधायकों को अयोध्या नहीं जाने के लिए कहा है. हम मुंबई एयरपोर्ट से अपने घर लौट गए. राज्यसभा चुनाव में शिवसेना ने एक भी वोट का बंटवारा नहीं किया. हमें राम दरबार जाने की इजाजत क्यों नहीं है? कल आपने जो कुछ कहा, जो कुछ हुआ वह बहुत भावुक कर देने वाला था. लेकिन इसने हमारे बुनियादी सवालों का जवाब नहीं दिया. इसलिए हमें अपनी भावनाओं को आप तक पहुंचाने के लिए यह भावनात्मक पत्र लिखना पड़ा. आप इन विधायकों की नहीं सुनते थे, वहीं शिंदे हमेशा विधायकों की सुनते थे और आगे भी सुनेंगे.’ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: CM Uddhav Thackeray, MVA Government, Shivsena

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